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परिवहन प्रबंधन
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भारत जैसे विशाल आकार वाले देश में खाद्यान्न की पहुंच सुनिश्चित करना एक कठिन काम है । अतिरिक्त खाद्यान्न वाले राज्यों से कमी वाले राज्यों में खाद्यान्न पहुंचाया जाता है ।
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खाद्यान्न का आधिक्य मुख्यतः उत्तरी राज्यों तक सीमित है जिसके कारण देशभर में ढुलाई की लंबी दूरी तय करनी होती है । बाजारों और खरीद केन्द्रों में अधिप्राप्त भंडार को सबसे पहले निकटतम डिपो में इकट्ठा किया जाता है तथा वहां से सीमित समय-सीमा के अंदर प्राप्ति वाले राज्यों को प्रेषित किया जाता है । |
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भारतीय खाद्य निगम 1500 किलोमीटर की औसत दूरी से लगभग 250 लाख टन खाद्यान्न परिचालित करता है।
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| वर्ष | खाद्यान्न | चीनी | योग |
| 1996-1997 | 235.5 | 12 | 247.8 |
| 1997-1998 | 191.1 | 11 | 202.1 |
| 1998-1999 | 190.8 | 11 | 201.8 |
| 1999-2000 | 221.9 | 7 | 228.9 |
| 2000-2001 | 161.6 | 3 | 164.6 |
| 2001-2002 | 204.5 | 3 | 207.5 |
| 2002-2003 | 248.8 | 2 | 250.8 |
| 2003-2004 | 297.0 | 0.8 | 297.8 |
| 2004-2005 | 338.7 | 1.4 | 340.1 |
| 2005-2006 | 315.5 | 1.8 | 317.3 |
| 2006-2007 | 288.7 | 2.4 | 291.1 |
| 2007-2008 | 277.92 | 1.78 | 279.70 |
| 2008-2009 | 256.65 | 1.91 | 258.56 |
| 2009-2010 | 312.26 | 3.52 | 315.78 |
| 2010-2011 | 341.34 | 3.62 | 344.96 |
उत्तरी राज्यों में अधिप्राप्त चावल और गेहूँ नियमित रूप से दूर-दराज वाले क्षेत्रों जैसे कि इंफाल, मणिपुर अथवा तमिलनाडु में कन्याकुमारी तथा उत्तर में हिमालय के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में खाद्यान्न परिचालित किया जाता है।
देश में पैदावार वाले राज्यों से खपत वाले क्षेत्रों में रेल मार्ग, सड़क मार्ग और समुद्री मार्ग आदि द्वारा प्रतिदिन खाद्यान्न की औसतन 12,00,000 बोरियां (50 किलोग्राम) पहुंचाई जाती हैं ।
इसलिए प्रभावी योजना और ढुलाई प्रणाली के प्रबंधन द्वारा भारतीय खाद्य निगम, अधिप्राप्त वाले क्षेत्रों से संबंधित क्षेत्रों को खाद्यान्न और चीनी नियमित रूप से परिचालित करता है।
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| ट्रकों द्वारा ढुलाई | रेल द्वारा परिचालन | जलमार्ग द्वारा परिचालन |







